पीछे हटने लगा मॉनसून... जाते-जाते इन राज्यों को भिगोएगा, अगले 24 घंटे में बदलेगा मौसम
मॉनसून अब धीरे-धीरे विदाई की ओर बढ़ रहा है. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, 19 सितंबर के आसपास पश्चिम राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन हुई हैं. हालांकि, मॉनसून की विदाई के बीच बारिश का सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है. लौटता हुआ मॉनसून अगले 24 घंटे में उत्तर-पश्चिम, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और कुछ जगह भारी बारिश करा सकता है.
मौसम विभाग के मुताबिक, हरियाणा, पंजाब, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, केरल और तमिलनाडु में कुछ जगह भारी बारिश हो सकती है. दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पूर्वी राजस्थान में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. पूर्वोत्तर के अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में भी कुछ जगह भारी बारिश हो सकती है.
मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में 17 सितंबर को तेज हवा के साथ छिटपुट बारिश हो सकती है. हवा की स्पीड 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की संभावना है. दिल्ली-एनसीआर में 17 सितंबर को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है.
माैसम विभाग का कहना है कि उत्तर प्रदेश में मॉनसून धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है और अगले दो-तीन दिनों में बारिश में कमी आएगी. लौटते हुए मॉनसून गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, मथुरा, कानपुर, मिर्जापुर, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, गोरखपुर, आजमगढ़, देवरिया, सोनभद्र, चंदौली, मऊ, वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या में तेज हवा के साथ बारिश करा सकता है. इस दौरान राजधानी लखनऊ का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
गुजरात में अब बारिश की गतिविधियां कम होने का अनुमान है. इसकी वजह मौसम तंत्र में बदलाव है. दक्षिण-पूर्व पाकिस्तान के पास बना कम दबाव का क्षेत्र अब खिसककर सौराष्ट्र और उससे लगे उत्तर-पूर्व अरब सागर तक पहुंच गया है. इसके कारण गुजरात में बारिश का दायरा घट सकता है, हालांकि सौराष्ट्र और कच्छ में कुछ जगह बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है.
मौसम विभाग के मुताबिक, इस कम दबाव वाले क्षेत्र से जुड़ा साइक्लोनिक सर्कुलेशन समुद्र तल से करीब 9.4 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है. इसके अलावा उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तर तटीय ओडिशा के पास ऊपरी हवा में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और आसपास के इलाकों में भी ऊपरी हवा का एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है.
अगले 24 घंटे में अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, हरियाणा और पंजाब में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगह भारी बारिश हो सकती है. इन इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका है.
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. पश्चिमी राजस्थान में कुछ जगह छिटपुट बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है.
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी कुछ जगह बारिश और गरज-चमक हो सकती है. पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का दायरा बढ़ने का अनुमान है. कोंकण और गोवा में कई जगह बारिश हो सकती है.
पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश का दौर बना रहेगा. अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगह भारी बारिश हो सकती है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी बारिश का अनुमान है. गंगीय पश्चिम बंगाल और अंडमान-निकोबार में कई जगह बारिश हो सकती है. बिहार, झारखंड और ओडिशा में कुछ जगह से लेकर कई इलाकों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं.
दक्षिण भारत में केरल और लक्षद्वीप में कई जगह बारिश जारी रह सकती है. केरल में कुछ जगह भारी बारिश होने की संभावना है. तमिलनाडु में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगह भारी बारिश हो सकती है. आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक में भी बारिश और गरज-चमक का दौर रह सकता है. आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज सतही हवाएं चलने की आशंका है.
पिछले 24 घंटे में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, सौराष्ट्र-कच्छ, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में कई जगह बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ीं. इस दौरान जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा समेत कई राज्यों में भी कुछ जगह बारिश हुई. बारिश के आंकड़ों की बात करें तो लेंगपुई में 10 सेंटीमीटर, जबकि बेंगलुरु, हट बे और तुनी में 6 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई. पोर्ट ब्लेयर, अजमेर, मिनिकॉय और धुबरी में 2 सेंटीमीटर बारिश हुई.
देश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान राजस्थान के जैसलमेर में 39.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान असम के हाफलोंग में 17 डिग्री सेल्सियस रहा. रायलसीमा के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहा. तेलंगाना और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ इलाकों में भी तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया. पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों, महाराष्ट्र, तटीय और उत्तर आंतरिक कर्नाटक, केरल और लक्षद्वीप में भी तापमान सामान्य से ऊपर रहा.

