ईरान: प्रदर्शन में शामिल हुई जुड़वां बहनों में से एक को फांसी, दूसरी को 27 साल जेल
ईरान के इस्फ़हान शहर की रहने वाली दो जुड़वां बहनों तारानेह और रोमिना रहीमी की कहानी सामने आई है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है. जनवरी में जब ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन हुए, तो 19 साल की ये दोनों स्कूली छात्राएं भी इसमें शामिल हुई थीं. इसके कुछ दिन बाद ही नकाबपोश लोग उन्हें उनके घर से उठा ले गए. बाद में पता चला कि ये लोग ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के सदस्य थे. चार महीने तक बहनों की मां मरजिया नूरमोहम्मदी अस्पतालों, सरकारी दफ्तरों और जेलों में अपनी बेटियों को ढूंढती रहीं. अब यह मामला और गंभीर हो गया है. तारानेह को मौत की सजा सुनाई गई है, जबकि रोमिना को 27 साल जेल की सजा दी गई है. परिवार ने अपील की है और अब संयुक्त राष्ट्र से मदद मांगी है.
मामले की शुरुआत जनवरी में हुई, जब इस्फ़हान के शोहदा चौक के आसपास बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए. इनमें तारानेह और रोमिना भी शामिल हो गईं, हालांकि इससे पहले वे कभी किसी प्रदर्शन में नहीं गई थीं. इस दौरान चौक पर दो लोगों की मौत हुई, जिनमें एक रिवोल्यूशनरी गार्ड का सदस्य और एक बेघर व्यक्ति था. इसके बाद दोनों बहनों समेत 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया. उन पर मोलोटोव कॉकटेल बनाने और सुरक्षाबलों पर हमला करने का आरोप लगाया गया. साथ ही उन पर "खुदा के खिलाफ जंग" यानी मोहरेबेह का आरोप भी लगाया गया, जो ईरान में मौत की सजा वाला अपराध है. परिवार का कहना है कि दोनों बहनों के खिलाफ कोई सबूत नहीं था और उनके वकीलों को केस फाइल तक ठीक से देखने नहीं दी गई.
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गिरफ्तारी के बाद दोनों बहनों को अलग-अलग सेल में रखा गया, लेकिन वे एक-दूसरे की चीखें सुन सकती थीं. परिवार और वकीलों के मुताबिक, उन्हें बुरी तरह पीटा गया, मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और यौन उत्पीड़न भी किया गया. तारानेह को खासतौर पर बुरी तरह चोटें आईं, उसके घुटने, कोहनी और हाथ पर डंडों से वार किए गए. मई में जब मां को बेटियों से मिलने दिया गया, तो वह उन्हें पहचान भी नहीं पाईं, सिर्फ उनकी आवाज से ही पहचान हो सकी. दोनों के चेहरे सूजे हुए थे और सिर के बाल भी उखड़े हुए थे.
परिवार ने अब ब्रिटेन के मानवाधिकार वकीलों के जरिए संयुक्त राष्ट्र में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है, ताकि तारानेह की फांसी रुक सके. परिवार का कहना है कि तारानेह घुड़सवारी की शौकीन थी और अपना खुद का घुड़सवारी केंद्र खोलना चाहती थी, जबकि रोमिना फैशन में दिलचस्पी रखती थी. दोनों एक जूते की दुकान में पार्ट टाइम काम भी करती थीं.


