33 हजार फीट पर संकट में भी कैसे संभाला खुद को? स्मित मछार की ये बात देती है जवाब

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30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में जो हुआ, उसने विमान में सवार 174 लोगों की जान खतरे में डाल दी थी. दुबई से तेल अवीव जा रही यह उड़ान करीब 33 हजार फीट की ऊंचाई पर थी, तभी कॉकपिट में कैप्टन स्मित मछार और उनके को-पायलट के बीच हिंसक झड़प हो गई. इस दौरान स्मित गंभीर रूप से घाय...

30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में जो हुआ, उसने विमान में सवार 174 लोगों की जान खतरे में डाल दी थी. दुबई से तेल अवीव जा रही यह उड़ान करीब 33 हजार फीट की ऊंचाई पर थी, तभी कॉकपिट में कैप्टन स्मित मछार और उनके को-पायलट के बीच हिंसक झड़प हो गई. इस दौरान स्मित गंभीर रूप से घायल हुए और विमान तेजी से नीचे आने लगा. करीब 30 सेकंड में विमान लगभग 14 हजार फीट नीचे आ गया. इसके बावजूद स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की, जिसके बाद यात्रियों और क्रू ने अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद की. बाद में विमान को सऊदी अरब के तबूक डायवर्ट किया गया और सुरक्षित लैंडिंग कराई गई.

इस पूरी घटना के बाद स्मित मछार की करीब एक साल पुरानी बातचीत भी चर्चा में है. उस पॉडकास्ट में उन्होंने पायलटों के लिए एक ऐसी बात कही थी, जो अब वायरल है. 

साल 2025 में पॉडकास्टर ज़लक मेहता के साथ 'बोनाफाइड बैंटर' में बातचीत के दौरान स्मित से पूछा गया था कि युवा पायलटों को अपने करियर की शुरुआत में किन चीजों पर ध्यान देना चाहिए.

स्मित ने कहा था कि शुरुआत में किसी खास एयरलाइन या विमान को लेकर पसंद तय करने के बजाय पायलट को ज्यादा से ज्यादा उड़ान का अनुभव हासिल करना चाहिए. उनके मुताबिक, एक पायलट के लिए सबसे जरूरी चीज अपनी उड़ान की क्षमता और कौशल को लगातार बेहतर करना है. उन्होंने सोशल मीडिया पर खुद को दिखाने से ज्यादा उड़ान सीखने और अनुभव जुटाने को महत्व दिया था.

अब लोग इस इस बात पर कह रहे हैं कि जिस पायलट ने करीब एक साल पहले अनुभव और कौशल को प्राथमिकता देने की बात कही थी, उसी को कुछ समय बाद आसमान में एक बेहद मुश्किल स्थिति का सामना करना पड़ा.

33 हजार फीट पर हालात कितने गंभीर थे?

फ्लाईदुबई की उड़ान दुबई से तेल अवीव जा रही थी. रिपोर्टों के मुताबिक, विमान करीब 33 हजार फीट की ऊंचाई पर था, जब कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच हिंसक घटना हुई. इसी दौरान विमान करीब 14,000 फीट नीचे आ गया.उनके पुराने इंटरव्यू में अनुभव, प्रशिक्षण और मुश्किल हालात के लिए तैयार रहने पर जोर दिखाई देता है.

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स्मित के पुराने पॉडकास्ट का एक और हिस्सा अब चर्चा में है. उन्होंने विमान में केबिन क्रू की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताया था. उनका कहना था कि सामान्य हालात में लोग क्रू के काम को शायद उतना महत्व नहीं देते, लेकिन जब विमान में कोई गंभीर परेशानी आती है, तब प्रशिक्षित क्रू की अहमियत समझ में आती है.30 सितंबर की घटना में भी यात्रियों और क्रू ने कॉकपिट तक पहुंचकर स्थिति को संभालने में मदद की. 

स्मित मछार के पास बोइंग 737 विमानों पर करीब 9,750 घंटे की उड़ान का अनुभव है. उनका विमानन करियर करीब 15 साल का रहा है. फ्लाईदुबई से पहले वह स्पाइसजेट के साथ एक दशक से ज्यादा समय तक काम कर चुके हैं. वहां वह वरिष्ठ कमांडर और लाइन ट्रेनिंग कैप्टन की भूमिका में भी रहे. जून 2022 में उन्होंने फ्लाईदुबई ज्वाइन किया था.

लाइन ट्रेनिंग कैप्टन की भूमिका में दूसरे पायलटों को प्रशिक्षण और उड़ान के दौरान उनकी क्षमता का आकलन करना भी जिम्मेदारी का हिस्सा होता है. इसलिए स्मित के करियर में केवल खुद विमान उड़ाने का अनुभव ही नहीं, बल्कि दूसरे पायलटों को प्रशिक्षित करने का अनुभव भी रहा है.

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स्मित की कहानी का एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि विमानन उनका बचपन का सपना नहीं था. उन्होंने टेक्सटाइल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी और परिवार के कारोबार से जुड़ने की उम्मीद थी. 19 साल की उम्र में एक मैनेजमेंट कोर्स के दौरान विमानन से जुड़े एक सेमिनार ने उनका ध्यान इस क्षेत्र की ओर खींचा. इसके बाद उन्होंने पायलट बनने का फैसला किया.

यानी जिस क्षेत्र में बाद में उन्होंने हजारों घंटे उड़ान भरी, उसमें उनका सफर अचानक शुरू हुआ था. धीरे-धीरे उन्होंने प्रशिक्षण लिया, कमर्शियल एविएशन में कदम रखा और अनुभव हासिल करते हुए कमांडर और ट्रेनिंग कैप्टन की भूमिका तक पहुंचे.

स्मित की करीब एक साल पुरानी बातचीत इसलिए दोबारा देखी जा रही है क्योंकि उसमें उन्होंने पायलट के लिए दिखावे से ज्यादा अनुभव, प्रशिक्षण और कौशल को महत्व देने की बात कही थी. कुछ समय बाद खुद उनके सामने ऐसी स्थिति आई, जहां इन्हीं चीजों की सबसे कठिन परीक्षा हुई.

Original Source
https://www.aajtak.in/trending/story/how-smit-machchhar-kept-his-calm-old-zalal-mehta-podcast-tstf-dskc-2660991-2026-10-04?utm_source=rss
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