राजस्थान में BJP के गढ़ में निर्दलीयों ने बिगाड़ा खेल? UGC पर राजपूतों की नाराजगी ने बढ़ाई टेंशन

Direct Source Verification: This story is aggregated from India Today (indiatoday.in). Full reporting rights and copyright belong to the primary publisher.
राजस्थान निकाय चुनाव के नतीजों में इस बार स्थानीय मुद्दों के साथ UGC के प्रस्तावित जाति आधारित नियमों को लेकर अगड़ी जातियों, खासकर राजपूत समाज के एक हिस्से की नाराजगी का असर देखने को मिलने का दावा किया जा रहा है. बीजेपी का परंपरागत अगड़ी जाति के समाज के बीच UGC के मुद्दे को लेकर ...

राजस्थान निकाय चुनाव के नतीजों में इस बार स्थानीय मुद्दों के साथ UGC के प्रस्तावित जाति आधारित नियमों को लेकर अगड़ी जातियों, खासकर राजपूत समाज के एक हिस्से की नाराजगी का असर देखने को मिलने का दावा किया जा रहा है. बीजेपी का परंपरागत अगड़ी जाति के समाज के बीच UGC के मुद्दे को लेकर चुनाव से पहले विरोध-प्रदर्शन हुए थे. नतीजों में कई राजपूत बहुल और बीजेपी के मजबूत माने जाने वाले इलाकों में निर्दलीय उम्मीदवारों के प्रदर्शन ने पार्टी की चिंता बढ़ाई है.

हालांकि बीजेपी के लिए राहत की बात यह रही कि नाराज वोटरों का बड़ा हिस्सा कांग्रेस की तरफ जाता हुआ नहीं दिखा. कई जगह निर्दलीयों को समर्थन मिला, जबकि NOTA का विकल्प भी चुना गया. ऐसे में बीजेपी को नुकसान तो हुआ, लेकिन इसका पूरा फायदा कांग्रेस नहीं उठा सकी.

बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे के प्रभाव वाले झालावाड़ में कांग्रेस की जीत ने पार्टी को झटका दिया है. वहीं केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के जोधपुर में मुकाबला बराबरी पर अटक गया और बोर्ड बनाने में निर्दलीयों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है. उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी के विद्याधर नगर क्षेत्र में भी बीजेपी के प्रदर्शन में गिरावट दर्ज की गई. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक यहां बीजेपी के जीते वार्डों का अनुपात करीब 64.3 फीसदी से घटकर 60 फीसदी रह गया, जबकि करीब 20 फीसदी वार्ड निर्दलीयों के खाते में गए.

उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के झोटवाड़ा क्षेत्र में बीजेपी का वार्ड शेयर करीब 63 फीसदी से घटकर 53 फीसदी रह गया. यहां करीब 23 फीसदी वार्ड निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीते.

UGC के मुद्दे पर राज्यभर में आंदोलन कर रही करणी सेना ने चुनाव परिणामों को बीजेपी के लिए चेतावनी बताया है. करणी सेना के अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना का दावा है कि अगर प्रस्तावित नियम वापस नहीं लिए गए तो बीजेपी को आगे और गंभीर राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है.

मकराना ने दावा किया कि जयपुर में ऐसे 21 उम्मीदवारों को संगठन ने समर्थन दिया, जिन्होंने UGC से जुड़े प्रस्ताव का विरोध करने की बात लिखित रूप में दी थी. संगठन का दावा है कि अन्य जगहों पर भी उसने कई निर्दलीय उम्मीदवारों का समर्थन किया.

कांग्रेस को क्यों नहीं मिला नाराजगी का पूरा फायदा?

नतीजों का एक दिलचस्प पहलू यह है कि बीजेपी से नाराज बताए जा रहे वोटरों ने कई क्षेत्रों में कांग्रेस को विकल्प बनाने के बजाय निर्दलीय उम्मीदवारों का रुख किया. यही वजह रही कि बीजेपी के परंपरागत गढ़ों में निर्दलीयों की मौजूदगी बढ़ने के बावजूद कांग्रेस इस नाराजगी को पूरी तरह अपने पक्ष में नहीं कर सकी.

राजस्थान में बीजेपी के कई राजपूत नेताओं की तुलना में कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास UGC से जुड़े जाति आधारित प्रावधानों के विरोध में मुखर रहे हैं. उनके प्रभाव वाले जयपुर के सिविल लाइंस इलाके में बीजेपी और कांग्रेस के बीच मुकाबला बराबरी का रहा और दोनों दलों को करीब आधे-आधे वार्ड मिले. यहां निर्दलीय उम्मीदवार जीत दर्ज नहीं कर सके.

निकाय चुनाव के इन नतीजों के बाद बीजेपी के भीतर भी UGC के मुद्दे को लेकर आवाजें तेज होने लगी हैं. ऐसे में सवाल यह है कि क्या स्थानीय निकाय चुनाव में निर्दलीयों की बढ़ी ताकत केवल स्थानीय समीकरणों का नतीजा है या फिर यह बीजेपी के परंपरागत वोट बैंक में उभर रही नाराजगी का शुरुआती संकेत है.

राजस्थान निकाय चुनाव में वोट प्रतिशत  2021: भाजपा - 35.11 कांग्रेस - 40.30 निर्दलीय - 24.59

2026: भाजपा - 36.11 कांग्रेस - 35.14 निर्दलीय - 27.75

भाजपा की बढ़त - 1  कांग्रेस पीछे हुई - 5.16 निर्दलीय और नोटा की बढ़त - 3.16

बीजेपी में भी इस मामले पर अब डैमेज कंट्रोल शुरू हो गया है. भीलवाड़ा में जैनमुनि पुलक सागर जी ने दावा किया है कि सोमवार को उनसे मिलने आए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से इस मामले पर विरोध जताया है तो मोहन भागवत ने इसे लागू नहीं होने की बात कही है.

बीजेपी को झटका देने का दावा करते हुए करणी सेना ने पंचायत चुनाव से पहले अपने आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी है तो दूसरी तरफ़ बीजेपी पर यूजीसी के जातिय कानून को लेकर फ़ैसला लेने का दबाव बढ़ सकता है.

Original Source
https://www.aajtak.in/rajasthan/story/rajasthan-municipal-elections-2026-ugc-caste-rules-impact-bjp-independent-candidates-rise-ntcpvp-rptc-2643463-2026-09-15?utm_source=rss
Visit India Today ↗
SHARE STORY:
𝕏 f in

Related Coverage in World