आकाश और दीपिका आनंद नहीं, BSP में अब इस भतीजे को बड़ा जिम्मा... मायावती ने फिर चौंकाया!

Direct Source Verification: This story is aggregated from India Today (indiatoday.in). Full reporting rights and copyright belong to the primary publisher.
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने आकाश आनंद और ईशान आनंद को लेकर बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने कहा है कि उनके भाई आनंद कुमार के परिवार से आकाश आनंद और उनकी बहन को पार्टी में कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी. मायावती ने कहा कि अब आनंद कुमार के परिवार से केवल ईशान आनंद क...

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने आकाश आनंद और ईशान आनंद को लेकर बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने कहा है कि उनके भाई आनंद कुमार के परिवार से आकाश आनंद और उनकी बहन को पार्टी में कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी. मायावती ने कहा कि अब आनंद कुमार के परिवार से केवल ईशान आनंद को पार्टी में सम्मानजनक जिम्मेदारी देकर आगे किया जाएगा.

 अपने एक्स पोस्ट में मायावती ने कहा कि यदि किसी को राजनीति में सफल होना है और समाज के लिए काम करना है तो उसे अपने भाई-बहनों और नजदीकी रिश्तेदारों के मोह से ऊपर उठकर पूरी ईमानदारी और निष्ठा से काम करना चाहिए. उन्होंने कहा कि बीएसपी के संस्थापक कांशीराम ने भी राजनीति में आने के बाद अपने नजदीकी रिश्तेदारों को राजनीतिक लाभ देने से दूरी बनाए रखी थी और उन्हें केवल निःस्वार्थ भावना से पार्टी संगठन में काम करने की अनुमति दी थी.

उन्होंने कहा कि कांशीराम से प्रेरित होकर उन्होंने भी अपनी पूरी जिंदगी बहुजन समाज के लिए समर्पित करने का फैसला लिया. मायावती ने कहा कि लड़की होने की वजह से मजबूरी में उन्हें अपने किसी न किसी भाई-बहन को हमेशा अपने साथ रखना पड़ा, जिसके तहत उनके छोटे भाई आनंद कुमार पिछले काफी वर्षों से उनकी सेवा में कार्यरत हैं.

मायावती ने कहा कि आनंद कुमार के विशेष आग्रह पर उनके बड़े बेटे आकाश आनंद को राजनीति में आगे किया गया था. लेकिन शादी के बाद आकाश आनंद के रवैये और गतिविधियों की वजह से कुछ दिन पहले उन्हें पार्टी से अलग करना पड़ा. मायावती ने कहा कि आकाश आनंद अब अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के जंजाल में पूरी तरह फंस चुके हैं और उन्हें पार्टी में वापस लेना पार्टी के लिए बहुत बड़ा विश्वासघात होगा.

उन्होंने कहा कि आनंद कुमार के परिवार से किसे पार्टी में आगे किया जाए, इसे लेकर वह पिछले कुछ समय से दुविधा में थीं. अब सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार करने के बाद उन्होंने फैसला लिया है कि परिवार से ऐसे सदस्य को आगे किया जाए, जो आकाश आनंद के नक्शेकदम पर बिल्कुल न चले.

मायावती ने कहा कि आगे चलकर आनंद कुमार की बेटी की मदद लेने का सवाल भी है. उन्होंने कहा कि शादी के बाद यदि उनका मामला भी आकाश आनंद की तरह निकल गया तो यह पार्टी हित में सही नहीं होगा. इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए आकाश आनंद और उनकी बहन को पार्टी की कोई भी जिम्मेदारी देने से दूर रखा जाएगा और इस फैसले में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा.

मायावती ने कहा कि अब इन दोनों के स्थान पर आनंद कुमार के परिवार से केवल ईशान आनंद को ही पार्टी में सम्मानजनक जिम्मेदारी देकर आगे किया जाएगा. उन्होंने कहा कि अभी तक ऐसा ही लग रहा है कि ईशान आनंद का आकाश आनंद की तरह कोई चक्कर नहीं रहेगा, लेकिन आगे कुछ भी नहीं कहा जा सकता.

उन्होंने यह भी कहा कि यदि ईशान आनंद ने पार्टी विरोधी कोई गंभीर कृत्य किया तो उन्हें भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा. ऐसी स्थिति में आनंद कुमार के परिवार के किसी अन्य सदस्य को भी पार्टी में कोई छोटी-बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी. इसके बजाय पार्टी में काम कर रहे दलित वर्ग के किसी मिशनरी और वफादार कार्यकर्ता को आगे किया जाएगा.

1. आज मेरा पुनः पार्टी के लोगों से यही कहना है कि मेरे ख़ुद के अनुभव को मद्देनज़र रखते हुये यदि इनको राजनीति में कामयाब होना है और समाज के लिए कुछ करना है तो उन्हें मेरी तरह अपने भाई-बहिनों व नज़दीकी रिश्ते-नातों आदि के मोह से ऊपर उठकर अपनी पूरी ईमानदारी व निष्ठा से कार्य करना…

मायावती ने कहा कि देश और जनहित के जरूरी मुद्दों के साथ इस मुद्दे को लेकर 23 सितंबर को बीएसपी की बेहद जरूरी ऑल इंडिया बैठक बुलाई गई है, ताकि पार्टी के लोग अपने काम में पूरी तरह जुट सकें.

मायावती ने कहा कि परिवार को लेकर पार्टी और मूवमेंट के हित में उन्होंने यह फैसला कांशीराम से प्रेरित होकर और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के लिखे एक पत्र से प्रभावित होकर लिया है. उन्होंने बताया कि 23 फरवरी 1956 को 26 अलीपुर रोड, सिविल लाइन्स, नई दिल्ली से बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने बंबई में अपने बेटे यशवंत बी. आंबेडकर को पत्र लिखा था.

मायावती के मुताबिक, उस पत्र में बाबा साहेब ने लिखा था कि उन्हें श्री उपशम के कई पत्र मिले हैं, जिनमें कहा गया था कि यशवंत उन्हें बौद्ध भूषण प्रिंटिंग प्रेस में अकाउंटेंट और कैशियर के तौर पर अपनी ड्यूटी नहीं करने दे रहे हैं. उन्होंने कहा था कि प्रेस सार्वजनिक संपत्ति है, न कि यशवंत की और न ही उनकी, इसलिए सार्वजनिक खाते में किसी भी तरह की अनियमितता की अनुमति नहीं दी जा सकती. उन्होंने यह भी कहा था कि यदि उनके अंतिम निर्देश की परवाह नहीं की गई तो वह उन्हें प्रेस से निकाल देंगे और चेतावनी नहीं मानने पर उनके खिलाफ मुकदमा भी चलाएंगे.

Original Source
https://www.aajtak.in/elections/assembly-chunav/story/up-politics-mayawati-on-akash-anand-ashok-siddharth-ishan-anand-bsp-meeting-ntc-apdy-dskc-2647963-2026-09-20?utm_source=rss
Visit India Today ↗
SHARE STORY:
𝕏 f in

Related Coverage in World