मुंबई में जहां होना है CJP का प्रोटेस्ट...वहां स्थानीय लोगों ने किया हंगामा, बोले-शांति भंग होगी
महाराष्ट्र में मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले स्थानीय लोगों ने विरोध किया. प्रदर्शन को लेकर इलाके में हंगामा भी हुआ. स्थानीय लोगों ने कहा कि बार-बार होने वाले प्रदर्शनों से इलाके की शांति प्रभावित होती है. उनका कहना है कि इससे कारोबार पर भी असर पड़ता है.
शिवाजी पार्क में आज CJP का प्रदर्शन होना है. पार्टी ने इसे अपने आंदोलन का दूसरा चरण बताया है. CJP के मुताबिक, प्रदर्शन शाम 4 बजे शिवाजी पार्क के गेट नंबर 6 पर होगा. प्रदर्शन से पहले ही इलाके में स्थानीय लोगों की नाराजगी सामने आई है.
एक स्थानीय नागरिक टीटी पावस्कर ने कहा कि उन्हें आंदोलन से कोई परेशानी नहीं है. उनका विरोध प्रदर्शन के तरीके और जगह को लेकर है. उन्होंने कहा कि संविधान ने लोगों को प्रदर्शन करने का अधिकार दिया है. लेकिन इसके लिए नियमों का पालन भी जरूरी है.
स्थानीय लोगों ने कहा कि शिवाजी पार्क के आसपास शांत माहौल रहना चाहिए. उनका कहना है कि यहां भीड़ जुटने और हंगामे से आम लोगों को परेशानी होती है.
एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि उसका ऑफिस भी इसी इलाके में है. उसने कहा कि प्रदर्शन की वजह से उसका स्टाफ ऑफिस नहीं आ पाया. डर की वजह से कर्मचारी घर पर ही रहे. ऐसे में उसे अपना ऑफिस बंद रखना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार होने वाले प्रदर्शनों से उनका काम प्रभावित होता है.
स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है. इसके बावजूद प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है. लोगों ने पुलिस से इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की.
वहीं, CJP ने प्रदर्शन को लेकर अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं. पार्टी ने देश के कई शहरों में प्रदर्शन का ऐलान किया है. मुंबई के बाद गोवा, कोलकाता, पटना, उत्तर प्रदेश और बेंगलुरु में भी प्रदर्शन की बात कही गई है.
CJP नेता अभिजीत दिपके ने मुंबई प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. उन्होंने कहा था कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो अक्टूबर के अंत में CJP जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेगी.
दिपके ने कहा कि CJP की तीन प्रमुख मांगें हैं. पहली मांग मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की है. दूसरी मांग SIR के दौरान हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करने की है. उन्होंने 2025 की मतदाता सूची को बरकरार रखने की मांग भी की है.
तीसरी मांग अगले मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की है. दिपके ने कहा कि प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं मिली है. इसके बावजूद CJP प्रदर्शन करेगी.
इस बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना यानी MNS और शिवसेना (UBT) भी 4 अक्टूबर को मुंबई में चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा निकालेंगी. ऐसे में आने वाले दिनों में मुंबई में चुनाव आयोग से जुड़े विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी रहने की संभावना है.
CJP के प्रदर्शन को लेकर स्थानीय लोगों की आपत्ति अब सामने आ गई है. उनका कहना है कि प्रदर्शन की वजह से इलाके की शांति और रोजमर्रा का काम प्रभावित नहीं होना चाहिए.


