एशियन गेम्स में इतिहास रचने वाली प्रणवी उर्स पर IGU मेहरबान... गोल्ड के लिए मिलेंगे ₹10 लाख, अदिति-दीक्षा भी मालामाल
एशियन गेम्स 2026 में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने वाली प्रणवी शरथ उर्स को भारतीय गोल्फ यूनियन (IGU) ने बड़ी इनामी राशि देने का ऐलान किया है. आइची-नागोया में महिला व्यक्तिगत स्पर्धा का गोल्ड मेडल जीतने वाली प्रणवी को 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार मिलेगा. वहीं, महिला टीम स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतने वाली अदिति अशोक और दीक्षा डागर को 3-3 लाख रुपये दिए जाएंगे.
आईजीयू की गवर्निंग काउंसिल ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन को सम्मानित करने के लिए इन नकद पुरस्कारों को मंजूरी दी है. प्रणवी ने एशियन गेम्स में भारत के लिए महिला व्यक्तिगत गोल्ड जीतकर इतिहास रचा, जबकि अदिति और दीक्षा के साथ मिलकर महिला टीम स्पर्धा में सिल्वर भी हासिल किया.
प्रणवी उर्स ने महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में 15-अंडर 265 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया. उन्होंने चीन की यिन रुओनिंग को एक स्ट्रोक से पीछे छोड़ते हुए खिताब जीता. यह एशियन गेम्स में भारत की ओर से महिला गोल्फ की इंडिविजुअल स्पर्धा में पहला स्वर्ण पदक था. प्रणवी की इस उपलब्धि पर आईजीयू अध्यक्ष बृजिंदर सिंह ने उनकी जमकर तारीफ की.
उन्होंने कहा, '2026 एशियन गेम्स में शानदार स्वर्ण पदक जीतने पर प्रणवी को हार्दिक बधाई. एशियन गेम्स में स्वर्ण जीतना एक बड़ी उपलब्धि है और यह उनकी प्रतिभा, कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और खेल के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब है. हमें उन पर बेहद गर्व है और हम आने वाले वर्षों में उनकी निरंतर सफलता की कामना करते हैं.'
प्रणवी उर्स की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वह एशियन गेम्स में व्यक्तिगत गोल्ड जीतने वाली भारत की तीसरी गोल्फर हैं. उनसे पहले लक्ष्मण सिंह ने दिल्ली एशियन गेम्स (1982) और शिव कपूर ने बुसान एशियन गेम्स (2002) में पुरुष व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था. हालांकि, प्रणवी ने एक अलग इतिहास बनाया. वह एशियन गेम्स की व्यक्तिगत गोल्फ स्पर्धा में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं.
महिला टीम स्पर्धा में भारत को सिल्वर मेडल दिलाने वाली अदिति अशोक और दीक्षा डागर को भी उनके प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जाएगा. अदिति इससे पहले 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स में महिला व्यक्तिगत स्पर्धा का सिल्वर मेडल भी जीत चुकी हैं. आइची-नागोया में उन्होंने प्रणवी और दीक्षा के साथ मिलकर भारत के लिए एक और पदक सुनिश्चित किया.
एशियन गेम्स में गोल्फ में भारत की पदक यात्रा काफी पुरानी है. दिल्ली एशियन गेम्स (1982) में लक्ष्मण सिंह, राजीव मोहन, ऋषि नारायण और अमित लूथरा की टीम ने पुरुष टीम स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता था. इसके बाद दोहा एशियन गेम्स (2006) में अनिर्बान लाहिड़ी, गगनजीत भुल्लर, चिराग कुमार और जोसेफ चाकोला की टीम ने सिल्वर जीता. ग्वांगझू एशियन गेम्स (2010) में राशिद खान, अभिजीत चड्ढा, राहुल बजाज और अभिनव लोहान की टीम ने भी रजत पदक हासिल किया.