टोयोटा का काफिला... हूती समर्थक जनजातियों का मारिब की ओर कूच

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यमन के लंबे संघर्ष में एक नई तस्वीर सामने आई है. हूती विद्रोहियों से गठबंधन रखने वाली बनी हाशिश जनजातियों ने सशस्त्र पिकअप ट्रकों के बड़े काफिले निकालकर मारिब की ओर बढ़ने की घोषणा की है. वीडियो में सैकड़ों सशस्त्र टोयोटा ट्रक दिख रहे हैं जिन पर मशीन गन और एंटी-एयरक्राफ्ट गन लगे ह...

यमन के लंबे संघर्ष में एक नई तस्वीर सामने आई है. हूती विद्रोहियों से गठबंधन रखने वाली बनी हाशिश जनजातियों ने सशस्त्र पिकअप ट्रकों के बड़े काफिले निकालकर मारिब की ओर बढ़ने की घोषणा की है. वीडियो में सैकड़ों सशस्त्र टोयोटा ट्रक दिख रहे हैं जिन पर मशीन गन और एंटी-एयरक्राफ्ट गन लगे हैं. 

ये जनजातियां कह रही हैं कि वे यमनी भूमि की मुक्ति पूरी करने के लिए तैयार हैं. मारिब लंबे समय से सरकारी बलों का महत्वपूर्ण गढ़ रहा है और हूतियों के निशाने पर है. ये काफिले यमन के ऊबड़-खाबड़ इलाकों में अनियमित बलों की ताकत का प्रतीक बन गए हैं. टोयोटा जैसे मजबूत पिकअप ट्रक यहां 'टेक्निकल्स' कहलाते हैं. 

इनमें आसानी से भारी हथियार लगाए जा सकते हैं. वे कठिन इलाके में तेजी से घूम सकते हैं. यह दृश्य 1987 के चाड युद्ध की याद दिलाता है जिसे टोयोटा युद्ध कहा जाता था. उस समय भी ऐसे वाहनों ने बड़ी भूमिका निभाई थी.

यमन के युद्ध में जनजातीय बल और अनियमित लड़ाके लंबे समय से इन टेक्निकल्स पर निर्भर हैं. टोयोटा हाइलक्स और लैंड क्रूजर जैसी गाड़ियां टिकाऊ होने के कारण पसंद की जाती हैं. रेगिस्तान और पहाड़ी इलाकों में ये आसानी से चलती हैं. 

हूती और उनके सहयोगी इनका इस्तेमाल सैनिकों को ले जाने, हथियार पहुंचाने और तेजी से हमला करने के लिए करते हैं. हाल के दिनों में तटीय क्षेत्रों में हूतियों की बढ़त के बाद अब वे पूर्वी मोर्चों जैसे मारिब पर ध्यान केंद्रित कर रहे दिखते हैं. सरकारी बलों और गठबंधन के हवाई हमले जारी हैं. 

इन काफिलों पर भी हमलों की खबरें आती रहती हैं. फिर भी जनजातियां अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रही हैं. समर्थक इसे शक्ति प्रदर्शन बता रहे हैं जबकि आलोचक कह रहे हैं कि हाल के हमले पहले भी विफल हो चुके हैं. ऑनलाइन चर्चाओं में लोग इन ट्रकों की मजबूती की तारीफ कर रहे हैं और मजाक में टोयोटा को चैंपियनों की पसंद बता रहे हैं.

मारिब यमन का तेल समृद्ध क्षेत्र है और सरकारी नियंत्रण वाला प्रमुख शहर. यहां जनजातीय समीकरण जटिल हैं. कुछ जनजातियां सरकार के साथ हैं तो कुछ हूतियों के करीब. बनी हाशिश जैसी जनजातियों का यह प्रदर्शन हूतियों की जनजातीय समर्थन जुटाने की रणनीति को दिखाता है. 

Houthi tribal mobilization shows long lines of armed Toyota technicals in the desert, the classic Yemen war image. Bani Hashish tribes pledge readiness to march on Marib, the last major government stronghold in the north. Toyota pickups with mounted guns remain the…

वे पारंपरिक जनजातीय नेटवर्क का इस्तेमाल कर मोटरयुक्त बल तैयार करते हैं. इससे नियमित सेना की तरह लॉजिस्टिक्स की जरूरत कम पड़ती है. हाल के हफ्तों में हूतियों ने तटीय क्षेत्रों में बढ़त बनाई है. मोखा जैसे स्थानों पर कब्जे के बाद वे अन्य मोर्चों पर दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. 

मारिब पर हमला उनकी पुरानी महत्वाकांक्षा रही है. काफिलों का प्रदर्शन मनोवैज्ञानिक युद्ध का हिस्सा भी हो सकता है. इससे सरकारी बलों पर दबाव बढ़ता है और समर्थकों का मनोबल ऊंचा होता है.

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इन काफिलों के बावजूद हवाई हमलों का खतरा बना रहता है. सऊदी गठबंधन और सरकारी बल ड्रोन और एयर स्ट्राइक से जवाब देते रहे हैं. असमान युद्ध में टेक्निकल्स प्रभावी तो हैं लेकिन आधुनिक हवाई ताकत के आगे कमजोर साबित हो सकते हैं. नागरिक क्षेत्रों में इनका इस्तेमाल मानवीय संकट भी बढ़ाता है.

यमन संघर्ष में जनजातीय गतिशीलता हमेशा महत्वपूर्ण रही है. हूती उत्तर में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए जनजातियों को अपने साथ जोड़ते हैं. यह प्रदर्शन उसी रणनीति का हिस्सा लगता है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह तनाव बढ़ा सकता है खासकर जब लाल सागर और बाब अल-मंदेब जैसे मार्ग पहले से प्रभावित हैं.

मारिब की ओर यह बढ़त संघर्ष को नया मोड़ दे सकती है. अगर जनजातीय बल आगे बढ़े तो लड़ाई तेज हो सकती है. सरकारी बल बचाव की मुद्रा में हैं और सुदृढ़ीकरण कर रहे हैं. ऑनलाइन प्रतिक्रियाएं मिश्रित हैं. कुछ इसे वीरता बता रहे हैं तो कुछ यथार्थवादी विश्लेषण कर रहे हैं कि सिर्फ काफिले पर्याप्त नहीं.

टोयोटा जैसे नागरिक वाहनों का सैन्यीकरण आधुनिक असमान युद्ध की पहचान बन चुका है. यमन इसका जीवंत उदाहरण है. बनी हाशिश जनजातियों का यह कदम हूतियों की मोबिलाइजेशन क्षमता को रेखांकित करता है. आने वाले दिनों में मारिब मोर्चे पर गतिविधियां तय करेंगी कि यह प्रदर्शन कितना प्रभावी साबित होता है. यमन की शांति अभी दूर की कौड़ी लगती है और ऐसे प्रदर्शन संघर्ष को लंबा खींच सकते हैं.

Original Source
https://www.aajtak.in/defence-news/story/houthi-aligned-tribes-marib-advance-in-armed-toyota-convoys-dskc-2642097-2026-09-13?utm_source=rss
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