विमेंस एशिया कप: टीम इंडिया का मोहसिन नकवी को करारा जवाब, ट्रॉफी लेने से किया इनकार
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रविवार को दुबई में खेले गए फाइनल मुकाबले में श्रीलंका को 72 रनों से मात देकर महिला एशिया कप अपने नाम कर लिया. खिताब जीतने के बाद भारतीय टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष और पाकिस्तान सरकार में मंत्री मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से साफ इनकार कर दिया.
वहीं, भारत के कड़े रुख के चलते नकवी ने केवल उपविजेता श्रीलंका को चेक सौंपा और वहां से चले गए. इसके बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी बिना ट्रॉफी दिए खत्म हो गई. इसी बीच कोच अमोल मजूमदार ने कहा कि BCCI ने जो फैसला लिया है, हम उसके साथ हैं. हमारे लिए ये टूर्नामेंट खत्म हो चुका है, हम चैंपियन हैं और यही काफी है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मैच के अंतिम पलों में जब भारत जीत दर्ज कर रहा था, तब कैमरों में मोहसिन नकवी अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ बैठे नजर आए. वह बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला और सचिव देवाजीत सैकिया के करीब बैठे थे. मैच के बाद नकवी मंच पर पहुंचे और श्रीलंकाई टीम को रनर-अप अवार्ड प्रदान किए. इसके बाद श्रीलंकाई कप्तान चमारी अट्टापट्टू को रनर-अप चेक सौंपा. अट्टापट्टू द्वारा परवेज महारूफ से बात करने के तुरंत बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी खत्म कर दी गई और इसके तुरंत बाद वह ग्राउंड से बाहर चले गए. दरअसल, सितंबर 2025 के पुरुष एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान को हराने के बाद भारतीय टीम ने दोनों देशों के तनावपूर्ण जियो-पॉलिटिकल संबंधों के चलते नकवी से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया था. भारत ने अमीरात क्रिकेट बोर्ड के उपाध्यक्ष से ट्रॉफी दिलाने का अनुरोध किया था. नकवी ने इस मांग को खारिज कर दिया था और विवाद के बाद एसीसी के अधिकारी मैदान से ट्रॉफी-मेडल लेकर चले गए थे. हालांकि, इस बार वह ट्रॉफी अपने साथ लेकर नहीं गए. बता दें कि 2025 में भारतीय खिलाड़ी एक घंटे से ज्यादा वक्त तक मंच पर बुलाए जाने का इंतजार करते रहे थे. उस घटना के बाद से भारत को अभी तक एसीसी से वह ट्रॉफी नहीं मिली है. नकवी अपने इस रुख पर अड़े रहे कि टीम के कप्तान को सीधे उनके हाथों से ही ट्रॉफी लेनी होगी. अब महिला एशिया कप फाइनल में भी वही गतिरोध फिर देखने को मिला है.