बंगाल उपचुनाव से पहले बैकफुट पर ममता बनर्जी… नंदीग्राम के बाद अब रेजीनगर प्रत्याशी भी मैदान से बाहर
पश्चिम बंगाल में उपचुनाव से पहले ममता बनर्जी की पार्टी TMC को एक और झटका लगा है. नंदीग्राम के बाद अब रेजीनगर सीट से TMC उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने उपचुनाव से अपना नामांकन वापस लेने की बात कही है. बीजेपी ने यहां से शाखारव सरकार को टिकट दिया है. पश्चिम बंगाल के दोनों सीट नंदीग्राम और रेजीनगर में 6 अक्टूबर को चुनाव होगा, इसका रिजल्ट 9 अक्टूबर को आएगा.
इससे पहले नंदीग्राम उपचुनाव से ममता बनर्जी खेमे की TMC उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने शुक्रवार को अपना नामांकन वापस लिया था. उपचुनाव में करीब एक महीने का समय बाकी था. नामांकन वापस लेने से कुछ घंटे पहले ही उन्होंने राज्य सचिवालय नबन्ना में मुख्यमंत्री और नंदीग्राम के मौजूदा विधायक सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी.
इस मुलाकात को पहले सूत्रों ने शिष्टाचार भेंट बताया था, क्योंकि सुवेंदु अधिकारी नंदीग्राम के मौजूदा विधायक होने के साथ-साथ मुख्यमंत्री भी थे. हालांकि, राजनीतिक हलकों में इस मुलाकात को लेकर पहले से ही चर्चा शुरू हो गई थी.
बताया गया था कि डे ने कथित तौर पर गुपचुप तरीके से सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी. यह मुलाकात उस समय हुई थी, जब चुनाव आयोग ने आगामी रेजीनगर और नंदीग्राम उपचुनाव के लिए ममता बनर्जी खेमे को 'फुटबॉल खिलाड़ी' का चुनाव चिह्न और रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी खेमे को 'लिफाफा' चुनाव चिह्न दिया था. डे के नामांकन वापस लेने के बाद ममता बनर्जी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए उसे 'जुमला पार्टी' बताया था. उन्होंने यह भी घोषणा की थी कि उनका खेमा कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन करेगा और कहा था कि वह INDIA ब्लॉक के साथ हैं.
हालांकि, राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल गया था. ममता बनर्जी की ओर से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा के करीब एक घंटे बाद ही उन्हें एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था. कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के अनुसार, यह मामला तीन हत्या के मामलों से जुड़ा था, जिनमें से एक मामला 2007 का था.

