बाइक भी नहीं खरीदनी... स्विगी राइडर ने बताया- किस फॉर्मूले से होती है अच्छी कमाई?
ऑफिस से घर आने के बाद खाना बनाने के मन नहीं है. ऑनलाइन फूड डिलिवरी ऐप खोला और मनचाहा खाना ऑर्डर कर दिया. आधे घंटे में खाना लेकर एक बाइक राइडर हमारे पास पहुंच जाता है. आज हर चीज बस कुछ ही मिनटों में ऑनलाइन मौजूद है. हमें बस ऑर्डर करना है. लेकिन, हम तक सिर्फ 10 से 15 मिनट में जो भी ऑर्डर पहुंचता है. उसके पीछे सबसे ज्यादा मेहनत वो बाइक राइडर करते हैं, जो रात 12 बजे भी आपका खाना पहुंचाने के लिए तैयार बैठे होते हैं. चलिए जानते हैं ऐसे ही एक राइडर की कहानी जिसके पास अपनी बाइक भी नहीं है. फिर भी मिनटों में लोगों के घर तक उनका ऑर्डर पहुंचा देता है.
एक दिन रेपिडो बुक करने पर विक्की नाम का एक राइडर आया. उसके साथ बाइक पर बैठते ही मैंने उससे बातचीत शुरू कर दी. पता चला वो स्विगी राइडर का भी काम करता है और रैपिडो भी चलाता है. उसने बताया कि यह बाइक उसकी नहीं है. उसने भाड़े पर ले रखी है.
वह नोएडा में एक कंपनी में ठीक- ठाक काम करता था. उसकी सैलरी 25 हजार थी. फिर एक दिन कंपनी में छंटनी हुई और उसकी नौकरी चली गई. वह वेस्ट यूपी का रहने वाला है. विक्की ने अपने गांव या डिस्ट्रिक्ट का तो नाम नहीं बताया, लेकिन नोएडा से उसका घर ज्यादा दूर नहीं है. घर जाने में 4-5 घंटे लगते हैं. उसने नौकरी की काफी तलाश की, लेकिन ढंग की नौकरी नहीं मिली. घर पर पैसे भेजने थे.उसके एक दोस्त ने आइडिया दिया कि जबतक अच्छी जॉब नहीं मिलती, राइडर का काम कर लो.
विक्की ने बताया कि उसके पास बाइक नहीं थी. उसके दोस्त ने बताया कि ऐसी एजेंसी है रैपिडो या स्विगी जैसे काम के लिए भाड़े पर इलेक्ट्रिक बाइक देती है. इसके बाद विक्की ने भाड़े पर बाइक ली. इसके लिए 500 रुपये सिक्योरिटी और हर दिन 290 रुपये किराया देना था. लेकिन, एक ब्रोकर के जरिए बाइक किराए पर लेने पर उसे 4500 रुपये देने अलग से देने पड़ गए.
अच्छी कमाई का यही है फॉर्मूला विक्की ने बताया कि जबतक जॉब नहीं मिल रही थी. तब तक मैंने ये काम करने का सोचा था. लेकिन, अब इससे इतनी कमाई होने लगी है कि मुझे हर दिन 9 घंटे की जॉब के लिए जितनी सैलरी मिलती थी, उससे ज्यादा मैं कमा लेता हूं.
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विक्की के मुताबिक, स्विगी या जेप्टो के लिए दिन में 2 किलोमीटर के दायरे में कहीं भी ऑर्डर पहुंचाने के 50 रुपये तक मिल जाते हैं. यही अगर रात 9 बजे के बाद 2 किलोमीटर के दायरे में ही पार्सल लेकर जाने का दोगुना यानी 90 से 100 रुपये तक मिल जाते हैं. इस तरह दिन में अगर 4 घंटे में 500 रुपये कमाई हो रही है तो वही रात में इसका दुगाना यानी 1000 रुपये कमाई होगी. इसलिए सिर्फ दिन में राइडिंग का काम नहीं करना चाहिए. 2 घंटे ही सही, लेकिन रात में राइड करने से अच्छी कमाई हो जाती है.
अपने मन के मालिक विक्की ने बताया कि मैं अपने हिसाब से सिर्फ सुबह और रात में काम करता हूं. सुबह 6 से 10 और रात में 8 बजे से 11 बजे तक. इतने में ही मैं कम से कम 20 राइड पूरी कर लेता हूं. कभी- कभी इससे ज्यादा भी हो जाती है. इस लिहाज से हर दिन बाइक का भाड़ा देने के बाद भी 1200 से 1400 रुपये बच जाते हैं.
इससे इतनी कमाई जरूर हो जाती है कि मुझे 20- 25 हजार के लिए हफ्ते में 6 दिन छोटी- मोटी जॉब नहीं करनी पड़ती है. इसका एक फायदा और है कि मैं हफ्ते या महीने में जब चाहता हूं अपने हिसाब से घर चला जाता हूं. मुझे किसी बॉस या मैनेजर से इसके लिए छुट्टी नहीं लेनी पड़ती है.
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क्योंकि, जेप्टो या स्विगी के लिए सिर्फ एक बार 1500 या 1700 रुपये टी-शर्ट और बैग के देने होते हैं. फिर आपको हर राइड पर कमीशन मिलता है. वहीं अगर उबर या रैपिडो के लिए बाइक चलानी हो तो एक बार 180 का रिचार्ज करना पड़ता है. इसमें 2000 रुपये तक की वो राइड देते हैं और इस रिचार्ज की वैलिडिटी 3 महीने तक रहती है.
विक्की के मुताबिक, राइडर का काम करना एक तरह से अपना बिजनेस करने जैसा है. इसमें आप अपने मन मुताबिक काम करते हैं और किसी से कोई परमिशन नहीं लेनी पड़ती है. हम अपनी मर्जी के मालिक खुद होते हैं. जितना काम करते हैं उतनी कमाई होती है.