एक महीने में दोबारा आपदाएं... नेपाल के दर्द का कोई 'रिक्टर पैमाना' नहीं, देखिए Photos

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नेपाल एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं की चपेट में है. 26 अगस्त 2026 को आई विनाशकारी बाढ़ के ठीक एक महीने के भीतर ही देश को नई आपदाओं का सामना करना पड़ रहा है. गुरुवार से शुरू हुई लगातार भारी बारिश ने बाढ़ और भूस्खलन को जन्म दिया, जिससे कई जिलों में जन-धन की भारी क्षति हुई. Photo: AP

नेपाल एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं की चपेट में है. 26 अगस्त 2026 को आई विनाशकारी बाढ़ के ठीक एक महीने के भीतर ही देश को नई आपदाओं का सामना करना पड़ रहा है. गुरुवार से शुरू हुई लगातार भारी बारिश ने बाढ़ और भूस्खलन को जन्म दिया, जिससे कई जिलों में जन-धन की भारी क्षति हुई. Photo: AP

मनांग जिले के हिमलुंग हिमाल पर हिमस्खलन की घटना ने पर्वतारोहण समुदाय को भी झकझोर दिया है. अब तक बाढ़ और भूस्खलन से 24 लोगों की मौत तथा 14 लोगों के लापता होने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि हिमलुंग हिमाल के बेस कैंप पर हुए हिमस्खलन में चार शव बरामद हो चुके हैं और 12 लोग अब भी लापता हैं. यह घटनाक्रम नेपाल की पहाड़ी और तराई दोनों क्षेत्रों में मौसम की मार को उजागर करता है. Photo: AP

नेपाल नेशनल माउंटेन गाइड एसोसिएशन (NNMGA) के नेतृत्व में खोज एवं बचाव अभियान चल रहा है. अब तक हिमलुंग हिमाल हिमस्खलन स्थल से चार शव बरामद किए गए हैं. बिरेंद्र गुरुंग और घनश्याम राई के शव मिले, जबकि एक दिन पहले क्लाइम्बिंग गाइड छेबी भोटे और पासंग भोटे के शव बरामद हुए थे. खोज टीम अभी भी काम कर रही है और मौसम अनुकूल रहने पर तीन-चार घंटे और प्रयास जारी रखेगी. Photo: Reuters

मनांग जिले के नार फू क्षेत्र में 7126 मीटर ऊंचे हिमलुंग हिमाल के बेस कैंप पर हिमस्खलन हुआ. इसमें एक तंबू दब गया जहां नौ पर्वतारोही और 13 सहायक कर्मचारी शरण लिए हुए थे. कुल 22 लोगों में से कई लापता हो गए. 14 सदस्यीय बचाव टीम को तैनात किया गया है, जिसका नेतृत्व इंटरनेशनल माउंटेन गाइड और इमेजिन नेपाल ट्रेक एंड एक्सपेडिशन के ऑपरेटर मिंगमा जी शेरपा कर रहे हैं. Photo: AP

टीम रविवार को काठमांडू से रवाना हुई, चामे में रात बिताई और सोमवार सुबह हेलिकॉप्टर से हिमलुंग बेस कैंप पहुंची. प्रभु हेलिकॉप्टर के सीनियर कैप्टन पासंग नोर्बू शेरपा ने बताया कि उन्होंने सुबह बचाव टीम को बेस कैंप पहुंचाया और वहां से खोज शुरू हुई. Photo: Reuters

उच्च ऊंचाई वाले काम में अनुभवी गाइड संभावित स्थानों की तलाश कर रहे हैं और स्थिति का आकलन कर रहे हैं. खराब मौसम और पहाड़ी परिस्थितियों ने अभियान को मुश्किल बना दिया है. दो मृतकों के शव चामे अस्पताल से काठमांडू के त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल ले जाए जा रहे हैं. कैलाश हेलिकॉप्टर इन्हें पहुंचाएगा. Photo: AFP

हिमालयन हॉलिडेज और इमेजिन नेपाल ट्रेक एंड एक्सपेडिशन के दो दर्जन से अधिक नेपाली उच्च ऊंचाई वाले कर्मचारी और गाइड करीब दो हफ्ते पहले काठमांडू से हिमलुंग पहुंचे थे. वे क्लाइम्बिंग रूट तैयार करने और बेस कैंप बनाने का काम कर रहे थे. हाल के दिनों में पहाड़ी जिलों में लगातार बारिश और बर्फबारी ने स्थिति और खतरनाक बना दी है. Photo: AFP

हिमलुंग की घटना अकेली नहीं है. गुरुवार से हो रही लगातार बारिश के बाद आई बाढ़ और भूस्खलन ने मनांग, म्याग्दी, बागलुङ, पर्वत और पाल्पा सहित कई जिलों को बुरी तरह प्रभावित किया है. तीन दिनों में 24 मौतें और 14 लापता होने की पुष्टि हुई है. तराई के कुछ जिलों में जलजमाव और कटाव की स्थिति भी बनी है. Photo: Reuters

गंडकी प्रदेश में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है. बागलुंग जिले में 10, म्याग्दी में 6 और मनांग में 2 लोगों की मौत हुई. लुंबिनी प्रदेश के पाल्पा में 5 मौतें दर्ज की गईं. धनुषा के मिथिला नगरपालिका में भूस्खलन से एक व्यक्ति की मौत हुई. ये आंकड़े गुरुवार से अब तक के हैं. लापता लोगों में मनांग में 10, म्याग्दी में 3 और बागलुङ में 1 शामिल हैं. लमजुङ में 2 तथा बागलुङ और म्याग्दी में एक-एक व्यक्ति घायल हुए हैं. Photo: AP

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार कालीगंडकी नदी ने सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है. नारायणी और तिनाउ नदियों में भी कटाव और जलजमाव की स्थिति बनी. बाढ़ और भूस्खलन से 747 परिवार सीधे प्रभावित हुए. इनमें 143 मकान पूरी तरह और 51 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए. Photo: AFP

प्रदेश स्तर पर बाढ़ और भूस्खलन से 195 घर पूरी तरह और 26 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए, जबकि 270 घर जोखिम में हैं. करीब 435 घरों के 1500 लोग विस्थापित हुए. गंडकी प्रदेश के 11 जिलों में सबसे ज्यादा भौतिक नुकसान पर्वत में हुआ. वहां 106 घर पूरी तरह और 4 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए. 162 घरों के 540 लोग विस्थापित हुए. Photo: Reuters  

बाढ़ और भूस्खलन से 6 पुल पूरी तरह और 2 पुल आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए. तीन सरकारी कार्यालय पूरी तरह और तीन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए. विभिन्न स्थानों पर 15 पशुशाला पूरी तरह और 2 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुईं. पशुशालाओं के नुकसान से 44 पशुओं की मौत हुई. इसके अलावा 3 दोपहिया और 15 चारपहिया वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए. Photo: AFP

कालीगंडकी नदी में आई बाढ़ ने स्याङ्जा और गुल्मी को जोड़ने वाला पक्का पुल बहा दिया. बारिश के कारण एक-दो दिन पहले से ही पुल के आसपास नुकसान हो रहा था. रविवार सुबह आई तेज बाढ़ में पुल पूरी तरह बह गया, जिससे दोनों जिलों के बीच सड़क संपर्क टूट गया. नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद स्याङ्जा के बेल्टारी में स्थित 144 मेगावाट की कालीगंडकी ‘ए’ हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के मिर्मी बांध के तीनों गेट पूरी तरह खोल दिए गए और बिजली उत्पादन बंद कर दिया गया. Photo: AFP

नेपाल के पहाड़ी जिलों में हाल के दिनों में लगातार बारिश और बर्फबारी हो रही है, जिससे पर्वतारोहियों और स्थानीय लोगों दोनों के लिए स्थिति खतरनाक हो गई. हिमलुंग हिमाल पर हिमस्खलन इसी मौसमी अस्थिरता का नतीजा लगता है. अगस्त की बाढ़ में 1400 से अधिक लोग मारे गए थे और करीब 6000 लापता हुए थे. Photo: Reuters

Original Source
https://www.aajtak.in/science/photo/nepal-natural-disasters-himlung-himal-avalanche-landslide-flash-flood-2655357-2026-09-28?utm_source=rss
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