'ये भगवान राम का श्राप है', TMC के नाम-सिंबल विवाद पर बंगाल सीएम शुभेंदु अधिकारी का ममता पर हमला
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर विवाद बढ़ता रहा है. इस बीच बंगाल सीएम शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है.
उन्होंने कहा कि TMC को अपना नाम और चुनाव चिन्ह बचाने में मुश्किल इसलिए आई, क्योंकि ममता बनर्जी अपनी पार्टी को एकजुट नहीं रख सकीं. उन्होंने इसके लिए ममता के कथित अहंकार को जिम्मेदार बताया. उन्होंने कहा कि जो भी अहंकार करता है, उसे भगवान उसकी जगह दिखा हैं.
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि TMC के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर जो फैसला हुआ है, वह चुनाव आयोग का फैसला है. इसमें बीजेपी की कोई भूमिका नहीं है. ममता बनर्जी अपनी पार्टी को एकजुट नहीं रख सकीं. यह उनकी जिम्मेदारी है.
शुभेंदु ने दावा किया कि उन्होंने चुनाव के दौरान ही कहा था कि आने वाले समय में TMC का अस्तित्व खत्म हो जाएगा.
उन्होंने कहा कि इसके पीछे सबसे बड़ी वजह अहंकार है. जो व्यक्ति या नेता अहंकार करता है, उसे आखिरकार उसकी जगह दिखाई जाती है. उन्होंने इसी बात को भगवान राम से जोड़ते हुए कहा कि ये भगवान राम का श्राप है.
इस दौरान बंगाल सीएम ने ममता बनर्जी पर हिंदू धर्म को लेकर कथित तौर पर की गई उनकी टिप्पणियों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि ममता ने हिंदू धर्म को गंदा धर्म कहा था. शुभेंदु ने महाकुंभ को लेकर की गई मृत्यु कुंभ वाली टिप्पणी का भी जिक्र किया.
उन्होंने राम मंदिर के उद्घाटन के दौरान निकाली गई विरोध रैली का भी हवाला दिया. शुभेंदु ने कहा कि इन सब बातों के चलते ममता बनर्जी को अपनी जगह दिखाई गई है.
दरअसल, तृणमूल कांग्रेस के अंदर पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर विवाद चल रहा है. पार्टी के अंदर दो गुट सामने आए हैं. एक गुट ममता बनर्जी के नेतृत्व में है, जबकि दूसरा गुट उनके विरोधी धड़े के तौर पर सामने आया है. दोनों पक्ष पार्टी पर अपने अधिकार और पहचान को लेकर दावा कर रहे हैं.
इसी विवाद के बीच चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को लेकर अंतरिम फैसला लिया. आयोग ने आगामी उपचुनावों के लिए TMC के नाम और उसके 'Flowers & Grass' यानी जोड़ा फूल चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल पर रोक लगा दी. दोनों गुटों से नए नाम और चुनाव चिन्ह के विकल्प मांगे गए हैं.
बंगाल सीएम ने इस पूरे विवाद में बीजेपी की भूमिका से इनकार किया. उन्होंने कहा कि यह चुनाव आयोग का फैसला है. बीजेपी ने TMC को तोड़ने या उसका नाम और चुनाव चिन्ह छीनने का काम नहीं किया है.
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को अपनी पार्टी को एकजुट रखना चाहिए था. अगर पार्टी के भीतर ही विवाद खड़ा हुआ और दो गुट आमने-सामने आ गए, तो इसकी जिम्मेदारी भी पार्टी नेतृत्व की है.
फिलहाल चुनाव आयोग के अंतरिम फैसले के बाद दोनों गुटों को नए नाम और चुनाव चिन्ह के साथ उपचुनाव की तैयारी करनी होगी. इस पूरे विवाद पर आगे चुनाव आयोग का अंतिम फैसला अहम होगा.


