UP से हिमाचल तक बारिश का तांडव! कई राज्यों में बाढ़ जैसे हालात, फसलें-मकान बर्बाद
देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली है, जिससे कई राज्यों में तबाही का आलम है. उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं. इससे जान-माल का भी काफी नुकसान देखने को मिल रहा है.
राजधानी दिल्ली में शनिवार को हल्की बारिश के बाद तापमान सामान्य से नीचे आ गया है, जिसे देखते हुए भारतीय मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया था.
IMD का अनुमान है कि रविवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 21 से 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जाएगा. रविवार को भी यूपी में बारिश की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना डिप्रेशन उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा की तरफ बढ़ गया है. इसकी वजह से रविवार को भी बारिश होने की संभावना है.
उत्तर प्रदेश में भारी बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में 13 लोगों की मौत हो गई है और 17 लोग घायल बताए गए हैं. कई इलाकों में बाढ़ और अचानक जलभराव का खतरा पैदा हो गया है.
पिछले 24 घंटों में राज्य में सामान्य से 19 गुना ज्यादा बारिश हुई है, जिससे खड़ी फसलें और 117 कच्चे मकान पूरी तरह तबाह हो गए हैं. कच्ची दीवारें और मकान गिरने से 5 लोगों की मौत भी हो गई, जबकि तेज हवाओं और भारी बारिश के चलते पेड़ उखड़ने से हुए हादसों में 5 लोगों की जान चली गई.
लखीमपुर खीरी, अमेठी, बाराबंकी और गोरखपुर जिलों से जनहानि की खबरें सामने आई हैं. वहीं लखनऊ के चाइना गांव में मिट्टी के घर की दीवार ढहने से एक ही परिवार के तीन सदस्य घायल हो गए, जिन्हें सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया. कन्नौज में लगातार बारिश से 20 कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं.
बांदा, वाराणसी, उन्नाव, प्रयागराज, श्रावस्ती, एटा, बदायूं, गोरखपुर, बरेली, बलरामपुर और पीलीभीत समेत कई जिलों में नदियां उफान पर हैं, अस्पताल और सार्वजनिक स्थल पानी में डूब गए हैं तथा फसलें बर्बाद हो गई हैं. चक्रवाती मौसम और आंधी-तूफान के कारण कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए हैं, जिसका असर बिजली सप्लाई पर भी पड़ा है.
दूसरे राज्यों में भी भारी बारिश का असर उत्तर प्रदेश के अलावा छत्तीसगढ़ के गरियाबंद, राजनांदगांव (शिवनाथ नदी में बाढ़), बलौदा बाजार और बस्तर में भी भारी बारिश ने तबाही मचाई है. बस्तर और जगदलपुर में पिछले 5 दिनों की मूसलाधार बारिश से 15 साल का रिकॉर्ड टूट गया है और प्रशासन ने सैकड़ों लोगों का रेस्क्यू किया है. नेपाल में भारी बारिश के कारण कोसी और गंडक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है, जिससे तटीय इलाकों में लोग फंस गए हैं.
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इसके अलावा मध्य प्रदेश के मंडला और पन्ना में केन और मदासन नदियां उफान पर हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश के किन्नौर और उत्तराखंड के चमोली, टिहरी तथा और सीमावर्ती इलाकों में भारी बारिश के साथ बर्फबारी से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.


