ब्रिटेन में US बेस के पास पकड़े गए 5 लोग कौन? क्या है ईरान कनेक्शन, ट्रंप बोले- बड़ा नुकसान करने की तैयारी में थे
ब्रिटेन में एक अमेरिकी सैन्य एयरबेस के पास पांच लोगों की गिरफ्तारी से हड़कंप मच गया है. ये लोग दक्षिण-पश्चिम इंग्लैंड के ग्लॉस्टरशायर में RAF फेयरफोर्ड के पास पकड़े गए हैं. ब्रिटिश काउंटर टेररिज्म पुलिस के मुताबिक, पांचों को पहले विस्फोटक एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया. उन्हें आतंकवादी कार्रवाई की तैयारी के शक में हिरासत में लिया गया. पुलिस ने कहा है कि जांच अभी शुरुआती दौर में है और पांचों लोग कस्टडी में हैं.
मामला 27 सितंबर की रात करीब 12.45 बजे सामने आया. पुलिस को तीन संदिग्ध वाहनों के एयरबेस की तरफ बढ़ने की सूचना मिली थी. इसके बाद हथियारबंद पुलिस मौके पर पहुंची और पांच लोगों को गिरफ्तार किया. सुरक्षा के तौर पर करीब 85 घरों को खाली कराया गया और तीनों वाहनों के आसपास 400 मीटर का घेरा बनाया गया. सेना की बम डिस्पोजल टीम ने वाहनों की जांच की.
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पकड़े गए 5 लोग कौन हैं और उनके पास क्या मिला?
अब तक ब्रिटिश पुलिस ने गिरफ्तार किए गए पांचों लोगों की पहचान या उनकी नागरिकता सार्वजनिक नहीं की है. पुलिस ने इतना बताया है कि मामला तीन संदिग्ध वाहनों से जुड़ा है. मौके की तस्वीरों और वीडियो में बम डिस्पोजल रोबोट को सफेद वैन के आसपास जांच करते देखा गया. दो वैन के पिछले दरवाजे खुले हुए थे और उनके आसपास कुछ काली वस्तुएं दिखाई दे रही थीं, लेकिन पुलिस ने यह पुष्टि नहीं की है कि इनमें क्या था या ये लोग किस चीज की तैयारी कर रहे थे.
🚨 MAJOR BREAKING: President Trump CONFIRMS a group of terrorist were ARRESTED in the UK after they tried blowing up RAF Fairford Base — home to both US and UK troops "They were looking to do big damage to our fort...we had them under view for a long time. AND WE GOT 'EM." 👏🏻… pic.twitter.com/q6itROC0Va
ब्रिटिश पुलिस ने अभी तक यह नहीं बताया है कि गिरफ्तार लोगों का अंतिम मकसद क्या था. इतना जरूर है कि उन पर आतंकी कार्रवाई की तैयारी का शक है. पुलिस ने लोगों से अटकलें नहीं लगाने को कहा है और कहा है कि अधिकारी घटनास्थल से सबूत जुटा रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस मामले पर बयान दिया. उन्होंने कहा कि अमेरिका और ब्रिटेन की एजेंसियां मिलकर काम कर रही थीं. गिरफ्तार किए गए लोग "बड़ा नुकसान" करने की तैयारी में थे. ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों की लंबे समय से इन लोगों पर नजर थी.
RAF फेयरफोर्ड इस मामले में सबसे अहम कड़ी है. यह एयरबेस ब्रिटेन में है, लेकिन इसका इस्तेमाल अमेरिकी वायुसेना करती है. ईरान युद्ध के दौरान अमेरिकी विमानों ने यहां से ईरानी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई की थी. ईरान पहले कह चुका है कि उसके खिलाफ हमलों में इस्तेमाल होने वाले ऐसे सैन्य ठिकाने उसके लिए वैध निशाना हो सकते हैं. इसी वजह से जांचकर्ता यह भी देख रहे हैं कि गिरफ्तारियों का ईरान से कोई संबंध है या नहीं. हालांकि, अभी तक पुलिस ने ईरान को इस मामले से जोड़ने वाला कोई सबूत सार्वजनिक नहीं किया है.
घटना के बाद RAF फेयरफोर्ड के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है. अमेरिकी वायुसेना ने कहा है कि वहां तैनात उसके लोग सतर्क हैं, लेकिन सुरक्षा कारणों से उसने खास सुरक्षा इंतजामों की जानकारी देने से इनकार किया. ब्रिटेन में इस घटना की जांच जारी है और पांचों संदिग्ध फिलहाल पुलिस की हिरासत में हैं.
